Arya Samaj

आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने सन 10 अप्रैल 1875 ईस्वीं में मुंबई शहर में की थी (Arya Samaj in Hindi)। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म में फैली विभिन्न प्रकार की भ्रांतियां समाप्त कर लोगों को वेदों के सही ज्ञान के बारे में बताना था (Arya Samaj ki sthapna kaha hui thi)। स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने उस समय वेदों की ओर चलो का नारा दिया था अर्थात लोगों को आडंबरों व कुप्रथाओं से बचकर वेदों का अनुसरण करना चाहिए ।

Maharishi Dayanand Saraswati started Arya Samaj in 1875 in Mumbai. According to Maharishi Dayanand Saraswati, a healthy society must be free from caste system. Citing an example from Manu, he stressed that a man must be recognized by his works rather than birth.  Social unity is initially important for national unity. Social unity  cannot be achieved without first getting rid of superstition and caste system prevailing in the society.

Arya Samaj Ke Niyam